भारत सहित दुनिया भर के देशों में महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है। कई प्रकार की योजनाओं के द्वारा भारत सरकार महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा और भेदभाव के प्रति सजग हो रही है। ये योजनाएं कमजोर और पीढि़त महिलाओं को आवाज उठाने में मदद कर रही हैं। मोदी सरकार ने भी महिलाओं के मुद्दों और देश की अर्थव्यवस्था में उनके योगदान को मान्यता दी है। तो आइए जानते हैं सरकार की इन योजनाओं के बारे में।







01. महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार कार्यक्रम :-





योजना का उद्देश्‍य उन स्किल्‍स को प्रदान करना है, जो महिलाओं को रोजगार की सुविधा प्रदान करते हैं और दक्षता और कौशल प्रदान करते हैं। साथ ही जो महिलाओं को स्व-रोजगार / उद्यमी बनने में सक्षम बनाती हैं क्षेत्रों में कृषि, बागवानी, खाद्य प्रसंस्करण, हथकरघा, सिलाई, सिलाई, कढ़ाई, ज़री आदि हस्तशिल्प, कम्प्यूटर और आईटी कार्यस्थल के लिए सॉफ्ट स्किल और कौशल जैसे कथित अंग्रेजी, रत्न और आभूषण, यात्रा और पर्यटन, आतिथ्य जैसे कार्यों के लिए सेवाएं प्रदान करती है।





SUBH SNEH I.T.I
NCVT-भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त


जो महिलाओं को रोजगार की सुविधा प्रदान करते हैं और दक्षता और कौशल प्रदान करते हैं।




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02. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ




एक सामाजिक अभियान है जिसका लक्ष्य है कि महिला भेदभाव के उन्मूलन और युवा भारतीय लड़कियों के लिए कल्याण सेवाओं पर जागरूकता बढ़ाना। 22 जनवरी 2015 को शुरू, यह महिला और बाल विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा संयुक्त उपक्रम है।





03. वन स्‍टॉप सेंटर स्‍कीम




यह योजना 1 अप्रैल 2015 को 'निर्भया' फंड के साथ लागू की गई थी। यह योजना भारत के विभिन्‍न शहरों के अलग-अलग क्षेत्रों में चलाई जा रही है। जिसके अंतर्गत यह योजना उन महिलाओं को शरण देती हैं जो किसी प्रकार की हिंसा का शिकार होती है। इसके तहत पुलिस डेस्‍क, कानूनी, चिकित्‍सा और परामर्श सेवाएं देने का काम किया जाता है। इस योजना के लिए टोल फ्री हेल्‍पलाइन नंबर 181 है।





04. महिला ई हाट




इस योजना का मुख्य फोकस घर पर रहने वाली महिलाओं पर है। उन्हें ही ध्यान में रख कर ये योजना शुरु की गई है। इसके लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक मंच तैयार किया है जिसके माध्यम से महिलाएं अपने हुनर के जरिए कमाई भी कर सकती हैं। मंत्रालय ने इस योजना का नाम महिला 'ई-हाट' दिया है।





05. उज्‍जवला योजना




प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली 2 करोड़ से अधिक महिलाओं को गैस सिलेंडर वितरित किए गए। सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत अगले तीन सालों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली 5 करोड़ से अधिक महिलाओं को नए एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए 8000 करोड़ रुपये को मंज़ूरी दी है।





06. वैभव लक्ष्मी योजना




वैभव लक्ष्मी योजना ( VAIBHAV LAKSHMI YOJNA ) - बैंक ऑफ बड़ौदा ( Bank of Baroda ) वैभव लक्ष्मी योजना के तहत स्व उद्मी महिलाओं को लोन देती है। यह एक तरह का पर्सनल लोन ( Personal Loan ) होता है। महिलाओं को उनके प्रोजेक्ट के आधार पर लोन मुहैया कराया जाता है। इस लोन के लिए गारंटर की जरूरत होती है।





07. स्‍वाधार गृह




कठिन परिस्थितियों में महिलाओं के पुनर्वास के लिए 2002 में महिला और बाल विकास मंत्रालय ने स्वधार योजना शुरू की थी। यह योजना अपेक्षाकृत महिलाओं / लड़कियों की जरूरत के मुताबिक आश्रय, भोजन, कपड़े और देखभाल प्रदान करती है। लाभार्थियों में उनके परिवारों और रिश्तेदारों, जेल से रिहा महिला कैदियों और बिना पारिवारिक सहायता, प्राकृतिक आपदाओं से बचे महिलाओं, आतंकवादी / अतिवादी हिंसा आदि महिलाओं की पीड़ित विधवाएं शामिल हैं। कार्यान्वयन एजेंसियां ​​मुख्य रूप से एनजीओ हैं।







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